पोखरी डैम में रेत भरी बोरी से बंधा मिला था युवक का शव, पुलिस ने बाइक व हत्या में प्रयुक्त रस्सी की जब्त
अनूपपुर। भालूमाड़ा
थाना क्षेत्र में हुए सनसनीखेज अंधे हत्याकांड का पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। प्रेम प्रसंग के चलते युवक की
गला घोंटकर हत्या कर शव को पोखरी डैम में फेंकने वाले चार आरोपियों किशन चौधरी पिता
कमलेश दास चौधरी उम्र 20 वर्ष, कृष्णा कुमार पिता अनुरूद्व चौधरी उम्र 30 वर्ष, राजकुमार रैदास पिता सुरेश दास उम्र 34
वर्ष एवं चंदन प्रसाद चौधरी पिता सुगन उम्र 22 वर्ष को पुलिस ने गिरफ्तार कर
न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। मामले में पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त बाइक,
रस्सी सहित अन्य साक्ष्य भी जब्त किए हैं।
जानकारी के अनुसार 2 जून 2026 को सूचना मिली थी कि पोखरी डैम ओसीएम छोहरी में एक अज्ञात युवक का शव पानी में तैर रहा है। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव की पहचान ग्राम छोहरी निवासी सनि उर्फ मोटू सहीस पिता रंजू सहीस उम्र 18 वर्ष के रूप में की गई। शव के कमर में रस्सी से रेत भरी बोरी बंधी हुई थी। मृतक के पिता रंजू सहीस की रिपोर्ट पर थाना भालूमाड़ा में धारा 103(1), 238 बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
हत्या जैसे गंभीर अपराध को देखते हुए पुलिस अधीक्षक विक्रांत मुराब के निर्देशन में पुलिस टीम गठित कर जांच शुरू की गई। पुलिस द्वारा संदेहियों से बारीकी से पूछताछ करने पर मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा निकला। जांच में सामने आया कि मृतक सनि सहीस का आरोपी की सगी भांजी के साथ पिछले 3-4 वर्षों से प्रेम संबंध था। इसकी जानकारी लड़की के परिवार वालों को होने पर उन्होंने कई बार सनि को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं माना।
इसी बात से नाराज होकर लड़की के मामा ने अपने साथी, चचेरे भाई एवं पड़ोसी के साथ मिलकर सनि की हत्या की योजना बनाई। 29 मई की रात करीब 8.30 बजे चारों आरोपी सनि को मोटरसाइकिल से बड़ी पुलिया के पास ले गए, जहां रस्सी से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद शव को ठिकाने लगाने के उद्देश्य से उसे ओसीएम के पोखरी डैम में फेंक दिया गया।
पुलिस ने घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल, मृतक
का मोबाइल, दस्तावेज एवं हत्या में प्रयुक्त रस्सी
जब्त कर ली है। चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। उक्त कार्यवाही
में थाना प्रभारी भालूमाड़ा उमेश उपाध्याय, उप
निरीक्षक डी.एस. बागरी, सहायक उप निरीक्षक चन्द्रहास बांधेकर,
कमलेश शुक्ला, प्रधान आरक्षक ईश्वर यादव, कृपाल सिंह, आरक्षक चक्रधर तिवारी, देवेन्द्र तिवारी, प्रदीप
यादव, दिनेश किराडे, महिला
आरक्षक ज्योति मालवीय एवं साइबर सेल के प्रधान आरक्षक राजेन्द्र अहिरवार तथा
आरक्षक पंकज मिश्रा की सराहनीय भूमिका रही।





