भड़काऊ पोस्ट के खिलाफ ब्राह्मण संगठन का ज्ञापन, आसामजिक वा अपराधियों पर कार्यवाही की मांग
अनूपपुर। जिले में सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक और भड़काऊ पोस्ट को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। हालात ऐसे बनते जा रहे हैं कि सामाजिक सौहार्द बिगड़ने और दंगे जैसी स्थिति उत्पन्न होने की आशंका जताई जा रही है। इस पूरे घटनाक्रम के बाद ब्राह्मण समाज के संगठन एकजुट हो गए हैं और प्रशासन से तत्काल कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। ब्राह्मण समाज के लोगों का आरोप है कि फेसबुक सहित अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पटेल समाज के आसामजिक वा अपराधिक तत्वों द्वारा ब्राम्हण समुदाय के खिलाफ लगातार अभद्र, अपमानजनक और भड़काऊ पोस्ट डाली जा रही हैं। इन पोस्टों में कथित रूप से अशोभनीय भाषा का प्रयोग करते हुए जातिगत भावनाओं को भड़काने की कोशिश की जा रही है, जिससे समाज की भावनाएं आहत हो रही हैं और ब्राम्हण समाज के युवाओं के बीच आक्रोश का माहौल बनता जा रहा है।
मामले को लेकर ब्राह्मण समाज के दो सैकड़ा से अधिक लोग एकजुट
होकर रैली के रूप में कोतवाली अनूपपुर पहुंचे, जहां
उन्होंने कोतवानी निरीक्षक अरविंद जैन को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में कुछ
व्यक्तियों के नामों का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया गया है कि वे संगठित रूप से ब्राम्हण
समाज के खिलाफ माहौल बनाने और अन्य समुदायों को उकसाने का प्रयास कर रहे हैं। ब्राम्हण
समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि यह केवल अभद्र टिप्पणी का मामला नहीं है,
बल्कि सुनियोजित तरीके से सामाजिक तनाव फैलाने की कोशिश है।
ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन से मांग की
गई है कि आपत्तिजनक पोस्ट करने वालों में दीपक पटेल, राजा सिंह कुर्मी,
शिवम पटेल, नीलमणि पटेल, दुर्गेश पटेल, भूपेन्द्र पटेल, राघवेन्द्र पटेल,
सुभाष पटेल, विक्रम पटेल,विकास पटेल सहित अन्य है। जिनके खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर
सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की निगरानी
बढ़ाने, भड़काऊ सामग्री पर तुरंत रोक लगाने और
जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए ठोस कदम उठाने की भी मांग की गई है।
ब्राम्हण समाज के लोगों ने आरोप लगाया
कि इस तरह की घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं, जिनके
कारण शहर में तनाव की स्थिति बनी थी। उनका कहना है कि इसके पूर्व 26 अगस्त 2020 को
दीपक पटेल द्वारा फेसबुक में सबसे पहले हिन्दू-मुस्लिम समुदाय के लिये भड़काऊ पोस्ट कर
हिन्दूओं को भडकाया था, जिससे नगर के अंदर दो दिनों तक आगजनी वा दंगा का रूप ले लिया था
और शहर में तनाव और विवाद की स्थिति उत्पन्न हुई थी। उन्होने प्रशासन से मांग की है
कि यदि समय रहते सख्ती नहीं बरती गई, तो
भविष्य में हालात और बिगड़ सकते हैं।
ब्राह्मण समाज के संगठनों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि
उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो
वे आगे और बड़ा आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। वहीं स्थानीय नागरिकों का कहना है
कि अनूपपुर जैसे शांतिप्रिय क्षेत्र में इस तरह के विवाद बेहद चिंताजनक हैं और
इससे शहर की शांति व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। अब पूरे मामले में लोगों की
नजरें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। प्रशासन के लिए यह चुनौतीपूर्ण समय है
कि वह निष्पक्षता और तत्परता के साथ कदम उठाकर स्थिति को नियंत्रित करे, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके और जिले
में आपसी भाईचारा और शांति कायम रह सके।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह के
विवाद से शहर की शांति व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। अनूपपुर जैसे शांत क्षेत्र
में इस प्रकार के जातिगत विवाद चिंता का विषय बनते जा रहे हैं। अब सभी की नजरें
प्रशासन पर टिकी हैं कि वह इस मामले में कितनी तेजी और सख्ती से कार्रवाई करता है।
समय रहते उचित कदम उठाना आवश्यक है,
ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को
रोका जा सके और सामाजिक भाईचारा कायम रखा जा सके।







