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Anuppur: स्वास्थ्य सेवाओं पर संकट के बादल: कल से एनएचएम संविदा कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल

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8 जून को भोपाल में सीएम हाउस घेराव की चेतावनी, अनूपपुर के 400 से अधिक कर्मचारी आंदोलन में शामिल

अनूपपुरराष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के अंतर्गत कार्यरत संविदा कर्मचारियों ने अपनी वर्षों पुरानी मांगों को लेकर अब आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। प्रदेशभर में स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ माने जाने वाले इन कर्मचारियों ने सरकार को सीधी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि जल्द उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाएं बुरी तरह प्रभावित हो सकती हैं।

राष्ट्रीय मजदूर संघ से संबद्ध राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संगठन द्वारा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अलका तिवारी को ज्ञापन सौंपते हुए आंदोलन की रूपरेखा घोषित की गई। संगठन के अनुसार कल 2 जून से जिले के समस्त संविदा कर्मचारी ऑनलाइन एवं ऑफलाइन सभी कार्यों का पूर्ण बहिष्कार करते हुए अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। इसके साथ ही आगामी 8 जून को जिले के सभी कर्मचारी भोपाल पहुंचकर मुख्यमंत्री निवास का घेराव करेंगे।

वर्षों से सेवा, फिर भी नहीं मिला अधिकार

एनएचएम स्वास्थ्य कर्मचारी संघ अनूपपुर के जिलाध्यक्ष डॉ. शिवेन्द्र द्विवेदी ने बताया कि कोविड महामारी के कठिन दौर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य सेवाओं तक संविदा कर्मचारियों ने दिन-रात मेहनत कर स्वास्थ्य व्यवस्था को संभाला। टीकाकरण अभियान, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रम, आपातकालीन सेवाएं और राष्ट्रीय स्वास्थ्य योजनाओं में इन कर्मचारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, लेकिन आज तक उन्हें नियमित कर्मचारियों जैसी सुविधाएं नहीं मिल सकीं।

उन्होंने बताया कि जिले में 400 से अधिक संविदा कर्मचारी वर्षों से बेहद कम वेतन में कार्य कर रहे हैं। कई कर्मचारी 10 से 15 वर्षों से लगातार सेवा दे रहे हैं, लेकिन न तो उन्हें नियमित किया गया और न ही सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी सुविधाओं का लाभ मिला।

कर्मचारियों की प्रमुख मांगें

संविदा कर्मचारियों ने सरकार के सामने कई महत्वपूर्ण मांगें रखी हैं, जिनमें संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण, सामान्य प्रशासन विभाग की नीति के अनुसार एनपीएस एवं स्वास्थ्य बीमा सुविधा, प्रतिवर्ष 10 प्रतिशत वेतन वृद्धि, नियमित कर्मचारियों की तरह महंगाई भत्ता, समान कार्य के लिए समान वेतन, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों के वेतन में पीवीआई समायोजन, वेतन विसंगतियों का निराकरण जैसी प्रमुख मांगें शामिल हैं।

चरणबद्ध आंदोलन से अब आर-पार की लड़ाई

संगठन पदाधिकारियों का कहना है कि लंबे समय से शासन स्तर पर पत्राचार, ज्ञापन और चर्चा के माध्यम से समस्याओं के समाधान का प्रयास किया जा रहा था, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। इससे कर्मचारियों में भारी नाराजगी है और मजबूर होकर उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा। पहले चरण में कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया, इसके बाद अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपे गए। अब आंदोलन निर्णायक चरण में पहुंच चुका है और कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर उतर आए हैं।

स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ सकता है व्यापक असर

एनएचएम के तहत कार्यरत कर्मचारी ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं, टीकाकरण, प्रसूति सेवाओं, जननी सुरक्षा योजनाओं, राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभियानों और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं में अहम भूमिका निभाते हैं। ऐसे में हड़ताल लंबी चली तो जिले सहित पूरे प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं पर व्यापक असर पड़ सकता है।  विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में मरीजों को स्वास्थ्य सुविधाएं मिलने में कठिनाई हो सकती है। अस्पतालों में ऑनलाइन रिपोर्टिंग, टीकाकरण, सर्वे कार्य, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं तथा अन्य राष्ट्रीय कार्यक्रम प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।

संविदा कर्मचारियों ने राष्‍ट्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मिशन की उक्‍त मांगो को को समयसीमा में निराकरण करवाये जाने की मांग की गई है।  जिससे कर्मचारियों में उत्‍पन्‍न आक्रोश आंदोलन में परिवर्तित ना हो सके एवं जन सामान्‍य को मिलने वाली स्‍वास्‍थ्‍य सुविधाओं में होने वाली असुविधा का सामना ना करना पड़े। यदि स्‍वास्‍थ्‍य सुविधाओं में असुविधा होती है तो उसकी समस्‍त जिम्‍मेदारी शासन प्रशासन की होगी। 

ट्विशा शर्मा मौत मामला: सीएम डॉ. मोहन यादव की सहमति के बाद अब CBI करेगी जांच

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परिजनों से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री ने दिया था निष्पक्ष जांच का भरोसा

भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ट्विशा शर्मा मौत मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से कराने की सहमति दे दी है। राज्य के गृह विभाग द्वारा इस संबंध में अधिसूचना भी जारी कर दी गई है। अब 12 मई को बाग मुगालिया एक्सटेंशन, कटारा हिल्स में हुई ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत की जांच सीबीआई करेगी।

जारी अधिसूचना के अनुसार थाना कटारा हिल्स में दर्ज अपराध क्रमांक 133/2026, धारा 80(2), 85, 3(5) भारतीय न्याय संहिता 2023 तथा धारा 3/4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम 1961 के तहत दर्ज प्रकरण को सीबीआई को हस्तांतरित करने का प्रस्ताव भेजा गया है।

गौरतलब है कि 20 मई को मृतका ट्विशा शर्मा के परिजनों ने मंत्रालय में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात की थी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने परिवार को निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाते हुए कहा था कि राज्य सरकार हर स्तर पर उनके साथ खड़ी है और मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए सीबीआई जांच हेतु पत्र भेजा जाएगा।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा था कि दोबारा पोस्टमॉर्टम के संबंध में अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा लिया जाएगा। वहीं, यदि परिजन चाहें तो पार्थिव शरीर को दिल्ली स्थित All India Institute of Medical Sciences एम्स ले जाने के लिए सरकार परिवहन सुविधा भी उपलब्ध कराएगी।

ट्विशा शर्मा मौत मामला अब प्रदेश में चर्चित हो चुका है और सीबीआई जांच की घोषणा के बाद परिजनों को न्याय मिलने की उम्मीद और मजबूत हुई है।

 

 

Anuppur: कोरोना योद्धा बने निरीक्षक अरविंद जैन, कर्मवीर योद्धा पदक से सम्मानित

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अनूपपुर। कोरोना महामारी के चुनौतीपूर्ण दौर में समाज और प्रशासन के प्रति उत्कृष्ट सेवाएं देने वाले कोतवाली अनूपपुर में पदस्थ निरीक्षक अरविंद कुमार जैन को मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा कर्मवीर योद्धा पदक से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उन्हें कोविड-19 महामारी के दौरान किए गए अथक परिश्रम, कर्तव्यनिष्ठा और जनसेवा के लिए प्रदान किया गया।

सम्मान पत्र में उल्लेख किया गया है कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम एवं उससे उत्पन्न विषम परिस्थितियों के दौरान निरीक्षक अरविंद कुमार जैन ने अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी निष्ठा, समर्पण और साहस के साथ किया। महामारी के कठिन समय में उन्होंने प्रशासन और आमजन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए अपनी सेवाओं से लोगों का विश्वास जीता।

मध्यप्रदेश शासन द्वारा उनके उत्कृष्ट कार्यों और समाज के प्रति समर्पित सेवा भावना को देखते हुए उन्हें इस प्रतिष्ठित सम्मान से नवाजा गया। सम्मान प्राप्त होने पर पुलिस अधीक्षक अनूपपुर विक्रांत मुराब ने निरीक्षक अरविंद जैन को कर्मवीर योद्धा पदक पहनाकर शुभकामनाएं दीं तथा उनके कार्यों की सराहना की। इस अवसर पर क्षेत्रवासियों, पत्रकारों एवं शुभचिंतकों ने भी अरविंद कुमार जैन को बधाई देते हुए उनके सेवा कार्यों की प्रशंसा की और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

 

Anuppur: सोशल मीडिया पर अनुशासनहीनता पर कड़ी नजर, भाजपा कार्यकर्ताओं को चेतावनी

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संगठन की छवि से समझौता नहीं, नियम तोड़ने वालों पर सख्ती

अनूपपुर  पवित्र नगरी अमरकंटक स्थित मृत्युंजय आश्रम में 13 अप्रैल को भारतीय जनता पार्टी की जिला संगठन बैठक आयोजित हुई। बैठक में जिला प्रभारी संजय साहू और जिला अध्यक्ष हीरा सिंह श्याम ने संगठन के कार्यों की विस्तृत समीक्षा करते हुए कार्यकर्ताओं को अनुशासन और सक्रियता का सख्त संदेश दिया। जिला मीडिया प्रभारी राजेश सिंह के अनुसार बैठक में जिला पदाधिकारी, मंडल अध्यक्ष, महामंत्री सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं

जिला प्रभारी संजय साहू ने स्पष्ट कहा कि संगठन में अनुशासन सर्वोपरि है। सोशल मीडिया पर पार्टी विरोधी गतिविधियों या अनुशासनहीनता को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिए कि ऐसे कार्यकर्ताओं की पहचान कर उन पर कड़ी कार्रवाई की जाए, जरूरत पड़ने पर पार्टी से बाहर भी किया जा सकता है।

उन्होंने दो टूक कहा कि पद काम करने के लिए दिया जाता है, गाड़ी में बोर्ड लगाने के लिए नहीं। जो कार्यकर्ता संगठन का काम नहीं करेंगे, उनसे पद और बोर्ड दोनों वापस ले लिए जाएंगे। बैठक में गांव चलो अभियान, आजीवन सदस्यता, निधि प्रशिक्षण और अंबेडकर जयंती से जुड़े कार्यक्रमों की भी समीक्षा की गई। संजय साहू ने मंडल अध्यक्षों और महामंत्रियों से व्यक्तिगत चर्चा कर प्रगति जानी।

बूथ स्तर पर सक्रियता पर जोर

जिला अध्यक्ष हीरा सिंह श्याम ने सभी मोर्चा और प्रकोष्ठों को सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बूथ पर सकारात्मक संदेश देने वाले कार्यक्रम आयोजित किए जाएं और संगठन के हर कार्य को गंभीरता से पूरा किया जाए। बैठक के दौरान नव नियुक्त मंडल प्रभारियों और मोर्चा-प्रकोष्ठ पदाधिकारियों का स्वागत किया गया। नेतृत्व ने उनसे संगठन हित में बेहतर कार्य करने की अपेक्षा जताई।

Anuppur : सोशल मीडिया में ब्राम्‍हण – पटेल विवाद ने पकड़ा तूल, अनूपपुर में दंगे जैसी स्थिति के आसार

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भड़काऊ पोस्ट के खिलाफ ब्राह्मण संगठन का ज्ञापन, आसामजिक वा अपराधियों पर कार्यवाही की मांग

अनूपपुरजिले में सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक और भड़काऊ पोस्ट को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। हालात ऐसे बनते जा रहे हैं कि सामाजिक सौहार्द बिगड़ने और दंगे जैसी स्थिति उत्पन्न होने की आशंका जताई जा रही है। इस पूरे घटनाक्रम के बाद ब्राह्मण समाज के संगठन एकजुट हो गए हैं और प्रशासन से तत्काल कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। ब्राह्मण समाज के लोगों का आरोप है कि फेसबुक सहित अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पटेल समाज के आसामजिक वा अपराधिक तत्‍वों द्वारा ब्राम्‍हण समुदाय के खिलाफ लगातार अभद्र, अपमानजनक और भड़काऊ पोस्ट डाली जा रही हैं। इन पोस्टों में कथित रूप से अशोभनीय भाषा का प्रयोग करते हुए जातिगत भावनाओं को भड़काने की कोशिश की जा रही है, जिससे समाज की भावनाएं आहत हो रही हैं और ब्राम्‍हण समाज के युवाओं के बीच आक्रोश का माहौल बनता जा रहा है।

मामले को लेकर ब्राह्मण समाज के दो सैकड़ा से अधिक लोग एकजुट होकर रैली के रूप में कोतवाली अनूपपुर पहुंचे, जहां उन्होंने कोतवानी निरीक्षक अरविंद जैन को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में कुछ व्यक्तियों के नामों का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया गया है कि वे संगठित रूप से ब्राम्‍हण समाज के खिलाफ माहौल बनाने और अन्य समुदायों को उकसाने का प्रयास कर रहे हैं। ब्राम्‍हण समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि यह केवल अभद्र टिप्पणी का मामला नहीं है, बल्कि सुनियोजित तरीके से सामाजिक तनाव फैलाने की कोशिश है।

ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन से मांग की गई है कि आपत्तिजनक पोस्ट करने वालों में दीपक पटेल, राजा सिंह कुर्मी, शिवम पटेल, नीलमणि पटेल, दुर्गेश पटेल, भूपेन्‍द्र पटेल, राघवेन्‍द्र पटेल, सुभाष पटेल, विक्रम पटेल,विकास पटेल सहित अन्‍य है। जिनके खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की निगरानी बढ़ाने, भड़काऊ सामग्री पर तुरंत रोक लगाने और जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए ठोस कदम उठाने की भी मांग की गई है।

ब्राम्‍हण समाज के लोगों ने आरोप लगाया कि इस तरह की घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं, जिनके कारण शहर में तनाव की स्थिति बनी थी। उनका कहना है कि इसके पूर्व 26 अगस्‍त 2020 को दीपक पटेल द्वारा फेसबुक में सबसे पहले हिन्‍दू-मुस्लिम समुदाय के लिये भड़काऊ पोस्‍ट कर हिन्‍दूओं को भडकाया था, जिससे नगर के अंदर दो दिनों तक आगजनी वा दंगा का रूप ले लिया था और शहर में तनाव और विवाद की स्थिति उत्पन्न हुई थी। उन्‍होने प्रशासन से मांग की है कि यदि समय रहते सख्ती नहीं बरती गई, तो भविष्य में हालात और बिगड़ सकते हैं।

ब्राह्मण समाज के संगठनों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो वे आगे और बड़ा आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। वहीं स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अनूपपुर जैसे शांतिप्रिय क्षेत्र में इस तरह के विवाद बेहद चिंताजनक हैं और इससे शहर की शांति व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। अब पूरे मामले में लोगों की नजरें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। प्रशासन के लिए यह चुनौतीपूर्ण समय है कि वह निष्पक्षता और तत्परता के साथ कदम उठाकर स्थिति को नियंत्रित करे, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके और जिले में आपसी भाईचारा और शांति कायम रह सके।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह के विवाद से शहर की शांति व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। अनूपपुर जैसे शांत क्षेत्र में इस प्रकार के जातिगत विवाद चिंता का विषय बनते जा रहे हैं। अब सभी की नजरें प्रशासन पर टिकी हैं कि वह इस मामले में कितनी तेजी और सख्ती से कार्रवाई करता है। समय रहते उचित कदम उठाना आवश्यक है, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके और सामाजिक भाईचारा कायम रखा जा सके।

कोतमा लॉज हादसा: मलबे में दबे अपनों को ढूंढते रहे परिजन

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कोतमा में दर्दनाक हादसा, तीन की मौत से पसरा मातम

अनूपपुर/कोतमामध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के कोतमा नगर में बस स्टैंड के सामने शनिवार को एक लॉज का भवन भरभराकर गिर गया। इस दर्दनाक हादसे में जीजा-साले समेत तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य घायल हो गए हैं, जिनका इलाज जारी है। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और दहशत का माहौल है।

मलबा हटाते वक्त मिली पिता की मौत की खबर

हादसे ने कई परिवारों को गहरा जख्म दिया है। 55 वर्षीय हेमराज यादव उस वक्त राहत-बचाव कार्य में लगे थे और जेसीबी से मलबा हटा रहे थे। तभी उन्हें अस्पताल से फोन आया कि मलबे में मिले शवों में उनके पिता हनुमानदीन यादव भी शामिल हैं। हेमराज की आवाज भर्रा जाती है जब वे बताते हैं सुबह पिताजी ने कहा था कि गांव में महुआ बीन रहा हूं, काम पर नहीं जाऊंगा। लेकिन शाम को पता चला कि वे उसी लॉज में काम कर रहे थे और मलबे में दब गए।

परिवार का सहारा थे हनुमानदीन

हनुमानदीन यादव खेती-बाड़ी के साथ राजमिस्त्री का काम करते थे। वे अनूपपुर मुख्यालय से करीब 15 किलोमीटर दूर लोढ़ी गांव के रहने वाले थे और रोजाना काम के लिए कोतमा आते-जाते थे। परिवार में दो बेटे और एक बेटी हैं। पत्नी का निधन 19 साल पहले हो चुका था। ऐसे में परिवार की जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर थी।

साइकिल से 22 किमी आकर मजदूरी करता था बेटा

इस हादसे में हनुमानदीन के साले 40 वर्षीय रामकृपाल यादव की भी मौत हो गई। वे बेहद गरीब परिवार से थे और रोजाना 22 किलोमीटर साइकिल चलाकर मजदूरी करने आते थे। उनके बेटे दुर्गेश यादव ने बताया कि पिताजी ही घर के अकेले कमाने वाले थे। रोज 300 रुपए कमाते थे। उस दिन भी सुबह काम पर गए थे और बोले थे कि आज पेमेंट मिलेगा, देर हो जाएगीलेकिन वे कभी वापस नहीं आए। दुर्गेश ने बताया कि परिवार पहले से कर्ज में डूबा है और अब घर चलाना मुश्किल हो गया है। प्रशासन की ओर से मिली आर्थिक सहायता जरूरत के मुकाबले बहुत कम है।

मां को ढूंढता रहा बेटा, अगले दिन मिला शव

हादसे में 45 वर्षीय राधाबाई कोल की भी मौत हो गई। उनका शव अगले दिन मलबे से निकाला गया।
राधाबाई का इकलौता बेटा आकाश मलबे के पास बैठा पूरी रात अपनी मां को ढूंढता रहा। आकाश ने रोते हुए कहा मां कहती थीं बेटा, शादी कब करेगाबहू कब घर लाएगाअब वो ही नहीं रहीं। राधाबाई मजदूरी करके बेटे का पालन-पोषण कर रही थीं। पति का पहले ही निधन हो चुका था।

तीन की मौत, तीन घायल

इस हादसे में कुल तीन लोगों की मौत हुई है, जबकि तीन अन्य घायल हुए हैं। घायलों का इलाज अस्पताल में जारी है। रविवार को तीनों मृतकों का अंतिम संस्कार किया गया। स्थानीय लोगों ने भवन निर्माण में लापरवाही का आरोप लगाया है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते जांच और निगरानी होती, तो यह हादसा टाला जा सकता था। प्रशासन की ओर से मामले की जांच की बात कही गई है।

इलाके में शोक और आक्रोश

इस घटना ने कई परिवारों को हमेशा के लिए तोड़ दिया। अपनों को खोने का दर्द और आर्थिक संकट दोनों एक साथ सामने खड़े हैं। पूरा कोतमा नगर गमगीन है और हर आंख नम है। लोग दोषियों पर सख्त कार्रवाई और पीड़ित परिवारों को पर्याप्त मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं।

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